श्याम संगीत सृजन संस्थान, सक्ती का 25 वें स्थापना दिवस अंतरराष्ट्रीय आनलाइन काव्य गोष्ठी समारोह सम्पन्न

श्याम संगीत सृजन संस्थान, सक्ती का 25 वें स्थापना दिवस अंतरराष्ट्रीय आनलाइन काव्य गोष्ठी समारोह सम्पन्न

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज़ नारायण राठौर

सक्ती/- भारतीय कला संस्कृति के संरक्षण- संवर्धन एवं सांस्कृतिक विकास के उद्देश्य से स्थापित श्याम संगीत सृजन संस्थान सक्ती का स्थापना के चौबीस वर्ष पूर्ण कर, पच्चीसवें वर्षगांठ “रजत जयंती पर्व” के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय आनलाइन काव्य गोष्ठी” एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

संगीतज्ञ- श्याम कुमार चन्द्रा ने बताया कि श्याम संगीत सृजन संस्थान सक्ती के पच्चीसवें वर्षगांठ “रजत जयंती” पर्व के अवसर पर आयोजित “अंतरराष्ट्रीय आनलाइन काव्य गोष्ठी” में उपस्थित अतिथियों द्वारा संस्थान की दिनों-दिन प्रगति की हार्दिक कामनाओं के साथ संस्थान व संस्थापक के कार्यशैली की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए रजत जयंती पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी गई एवं संगीतज्ञ- श्याम कुमार चन्द्रा द्वारा सम्पादित “ये जिनगी के सुरता” पुस्तक का आनलाइन विमोचन किया गया।
इस अवसर पर देश- विदेश से विशिष्ट कवि- कवयित्रियों द्वारा मानव जीवन एवं भारतीय कला संस्कृति विषय से संबंधित अपनी- अपनी सारगर्भित अभिव्यक्ति के साथ काव्य पाठ किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय विश्वविद्यालय कोहिमा नागालैंड के प्रोफेसर डॉ. एन.डी.आर. चन्द्रा ने कहा कि भारतीय कला- संस्कृति के संरक्षण- संवर्धन एवं सांस्कृतिक विकास के उद्देश्य से आज से 24 वर्ष पूर्व स्थापित यह श्याम संगीत सृजन संस्थान के द्वारा आयोजित की गई कई सांस्कृतिक समारोहों में मुझे शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ है, इस संस्थान के द्वारा कला संस्कृति सेवा कार्य को मैं बहुत पहले से ही अच्छी तरह से जान रहा हूं, अब इस संस्थान द्वारा कला संस्कृति संबंधी जितने भी सृजन कार्य जैसे प्रदेश के सभी विकासखंडों में श्रीश्याम संगीत सृजन केन्द्रों की स्थापना का प्रयास करना व आमनदुला मालखरौदा में प्रदेश मुख्यालय की स्थापना के प्रयास से लेकर अब सक्ती में “श्रीश्याम संगीत विश्वविद्यालय” की स्थापना के लिए संकल्पित प्रयास किया जा रहा है, यह निश्चित ही बहुत प्रशंसनीय कार्य है। मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है, मैं संगीत संस्थान और इस संस्था के संस्थापक संगीतज्ञ- श्याम कुमार चन्द्रा को भी बहुत ही निकट से देखा हूं गहराई से जाना हूं इनका प्रत्येक कार्य बहुत ही प्रशंसनीय रहा है, मैं संगीतज्ञ श्याम कुमार चन्द्रा जी को और इनके संस्थान के समस्त पदाधिकारियों को भी आज के इस पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं देता हूं यह संस्थान सदा प्रगति पथ पर आगे बढ़े और अपने व अपने संस्थान का नाम रोशन करे।

इसी प्रकार विशिष्ट अतिथियों में अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य प्रवाह फिलेडेल्फिया अमेरिका के संस्थापक डॉ. मीरा सिंह, अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन संस्था दिल्ली के व्यवस्थापक महासचिव डॉ. ओंकार त्रिपाठी, साहित्य त्रिवेणी प्रत्रिका कोलकाता के मुख्य सम्पादक डॉ. कुंवर वीर सिंह, उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन से सेवा निवृत्त प्राध्यापक एवं लीनेश क्लब सेवांजली रायगढ़ की पूर्व संरक्षक डॉ. मंजरी अरविंद गुरु बालकों कोरबा के प्रधान पाठक डॉ. कृष्ण, कुमार चन्द्रा, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड रायगढ़ के डिप्टी मैनेजर प्रकाश चन्द्रा द्वारा, संगीतगय चन्दा जी का संमान किए जाने के बाद ,,ऐ जिंदगी के सुरता,, पुस्तक का विमोचन किया गया । जोधपुर राजस्थान से प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. संजीदा खानम् “शाहिन”, पं. सुंदर लाल विश्वविद्यालय बिलासपुर वित्त विभागीय अधिकारी भूपेन्द्र श्रीवास  डा. गीता पांडेय रायबरेली एवं राजीवनगर रायगढ़ से प्रसिद्ध कवयित्री सीमा पटेल के द्वारा अपने अपने परिचय एवं काव्य पाठ के साथ संस्थान की कार्यशैली की भूरि- भूरि प्रशंसा करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।इसी बीच इंदिरा कला  विश्वविद्यालय खैरागढ़ सौरभ पटेल द्वारा अरपा पैरी के धार गीत की धुन पर मनमोहक ढंग से बसुरी वादंन किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के संस्थापक व अध्यक्ष संगीतज्ञ- श्री श्याम कुमार चन्द्रा जी द्वारा समारोह की अध्यक्षता की गई, सर्वप्रथम उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों का सादर अभिनन्दन करते हुए कहा “हम सब का सौभाग्य बढ़ाने, आये हैं श्रीमान्। स्वागत है श्रद्धा के सुमन से, स्वीकारें सम्मान।।” तत्पश्चात् उन्होंने संस्थान के प्रतिवेदन के रूप में संक्षिप्त जानकारी देते हुए अपने स्वरचित गीत “जय सियाराम गाले संगी, जय जय जय सियाराम।
ये जिनगी के सुरता करले, हो जाही कल्यान।।
इस आध्यात्मिक छत्तीसगढ़ी गीत का बोध कराया गया इसके बाद मंच माइक को हमरूह पब्लिकेशन हाउस दिल्ली के प्रकाशक अभिशार गांगुली जी को मंच संचालन की जिम्मेदारी सौंप दिया गया। दिल्ली के प्रकाशक अभिशार गांगुली जी द्वारा समारोह का बड़े ही रोचक एवं प्रभावात्मक ढंग से संचालन करते हुए “ये जिनगी के सुरता” पुस्तक का विमोचन करवाया गया और इसी बीच सम्पादक संगीतज्ञ- श्याम कुमार चन्द्रा के जीवन चरित्र पर बनने वाली बायोपिक चलचित्र फिल्म से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देने के साथ ही साथ साहित्य सृजन पुस्तक प्रकाशन से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी गई और अंत में अध्यक्ष की अनुमति से अतिथियों का आभार मानते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

 

Narayan Rathore