*सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक करा रहा था देसी शराब की तस्करी…,अपराध दर्ज होते ही पेट्रोलिंग छोड़कर हुआ फरार*

*सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक करा रहा था देसी शराब की तस्करी…,अपराध दर्ज होते ही पेट्रोलिंग छोड़कर हुआ फरार*
बिल्हा रिपोर्टर नीरज तिवारी
बिलासपुर/- बिलासपुर सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक देसी शराब की तस्करी करा रहा था।जिसकी सूचना पर मोपका पुलिस ने शराब की तस्करी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिस बात kj भनक लगते ही मामले में शामिल आरक्षक नीलकमल राजपूत पेट्रोलिंग वाहन को छोड़कर भाग निकला है।वही सरकंडा पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मोपका चौकी प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि रविवार की रात देसी शराब की तस्करी की सूचना मिली थी।
इस पर उन्होंने जवानों के साथ मोपका चौक पर घेराबंदी की, पुलिस ने मुखबिर के बताए अनुसार चिल्हाटी मोड़ की ओर से आ रही रेनाल्ट कार को रोक कर कार सवार बलराम यादव(51) निवासी कंसा चौक टिकरापारा और नवीन बोले उर्फ भज्जी(34) निवासी दयालबंद गुरुनानक स्कूल के सामने को उतार लिया, पूछताछ में दोनों ही गोलमोल जवाब देने लगे,पुलिस ने कार की तलाशी ली तो कार से पांच बोरियों में 480 पाव देसी शराब का जखीरा मिला, जिसे पुलिस ने जब्त कर युवकों को थाने ले आई,थाने में कड़ाई से पूछताछ में नवीन ने बताया कि वह सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक नीलकमल राजपूत के कहने पर शराब लेकर आ रहा था।
चौकी प्रभारी ने तत्काल इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को दी, इधर शराब पकड़े जाने की भनक आरक्षक को भी लग गई। इस दौरान वह सकरी थाने में पेट्रोलिंग ड्यूटी पर मौजूद था। मामले में जुर्म दर्ज होने की जानकारी लगते ही वह पेट्रोलिंग वाहन छोड़कर फरार हो गया है। इधर पुलिस की टीम उसकी तलाश कर रही है।पुलिस की टीम ने फरार आरक्षक के मुंगेली स्थित घर पर रेड कार्यवाही की है जहा परआरोपित मुंगेली स्थित अपने मकान में भी नहीं मिला है। पुलिस की टीम ने पकड़े गए ड्राइवर और शराब तस्करी से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आरोपित युवकों को न्यायालय में पेश किया गया है।पुलिस शराब तस्करी करने के आरोपित आरक्षक नीलकमल राजपूत को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
इन जैसे भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की वजह से पुलिस विभाग बदनाम पुलिस विभाग एक ऐसा विभाग है जिस पर आम जनता आंख बंद कर भरोसा करती है।पुलिस विभाग की वजह से ही लोग निडर हो आकर रात हो या दिन चैन की राहत लेते है।पुलिस अवैध कारोबार करने वालो पर कार्यवाही करती है,जिससे अपराध नहीं होता पर जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आम नागरिक किस पर भरोसा करेगा।जब पुलिस विभाग के भ्रष्ट पुलिस कर्मी ही अवैध कारोबार करने लगे तो अवैध कारोबारियो के हौसले बुलंद होंगे ही न,वही सूत्र बताते है की सकरी थाने में पदस्थ आरक्षक पिछले कई महीनो से शराब की तस्करी करवा रहा था,लेकिन अब जब पकड़ा गया तब इसकी पोल खुली है।