*श्री विधि से किसानो की आय मे हो रही वृद्धि*
*श्री विधि से किसानो की आय मे हो रही वृद्धि*
रिपोर्टर गोकुल कुर्रे
कटघोरा/- आज दिनांक 5 अगस्त 2024 को अंबुजा फाउंडेशन व एच. डी. एफ. सी. बैंक परिवर्तन के अंतर्गत केंद्रीय ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत ग्राम बरतरई एवं डोंगरतराई के ब्लॉक पोंडी उपरोड़ा के कोरबा जिले मे धान की फसल लगाने हेतु एक दिवसीय श्री विधि जगरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया! पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक के 28 ग्राम मे खरीफ फसल मे किसानो को प्रमाणित धान बीज, जैविक दवाई एवं खाद, स्प्रेयर पंप, हसिया, स्टिकी ट्रैप, बीज उपचार सामग्री, कोनोवीडर, क़ृषि मार्गदर्शीका, एवं किसानो को प्रशिक्षित कर सामग्री का वितरण किया गया! जिसमें 2727 किसानो को लाभान्वित किया गया!
जिसमें कुल 1100 हेक्टर मे उन्नत तकनीक से खेती कराया गया!किसानो को श्री विधि के बारे मे बताया गया की श्री विधि मे कम बीज, कम लागत, कम पानी, कम मजदूरी की अवश्यकता होती है एवं अधिक उत्पादन होता है! कार्यक्रम के द्वौरान किसान श्री.अर्जुन सिंह एवं मनोरंजन सिंह के खेत मे श्री विधि से रोपाई किया गया! कार्यक्रम मे उपस्थित मुख्य अतिथि अनामिका एवं अतिथि श्री. दीपक तंवर क़ृषि विज्ञानं केंद्र द्वारा किसानो को श्री विधि, नर्सरी, बीज उपचार, खरपतवार नितंत्रण एवं जैविक खेती के बारे मे विस्तृत जानकारी दिया गया! क़ृषि विभाग से श्री.योगेंद्र ग्रामीण क़ृषि विस्तार अधिकारी के द्वारा जैविक दवाई एवं खाद के बारे मे मार्गदर्शन दिया गया! अंबुजा फाउंडेसन से श्री भायासिंह झारे परियोजना अधिकारी के द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दिया गया! उन्नत खेती, भूमि एवं जल सावर्धन, कस्टम हायरिंग सेंटर, लिफ्ट एर्रिगेशन सिस्टम से किसानो को लाभान्वित किया गया! कार्यक्रम मे जनपद सदस्य फुलेश्वरी महंत, ग्राम मे सरपंच, सचिव, किसान विकास समिति, जल उपभोकता समिति, कस्टम हायरिंग सेंटर के पदाधिकारी एव ग्रामीण किसान उपस्थित रहे! अंबुजा फाउंडेशन से श्री. वसंता कठाणे, शुभम केसरवनी, जयराम वर्मा, विशवेद्र प्रताप सिंह, इस्तियाक एवं ग्राम के स्वयं सेवक निर्मल दीवान ,मनहरन महंत प्रेमलता, गणपत यादव, शिवकुमारी, कीर्तन दास, ललेश्वर एवं सभी स्वयंसेवक का विशेष योगदान रहा! उपस्थित अतिथी एवं किसानो द्वारा अंबुजा फाउंडेशन एवं एच डी एफ सी बैंक परिवर्तन द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंशा किया गया एवं संस्था को धन्यवाद प्रदान किया गया! एवं एक दिवसीय कार्यक्रम का समापन किया गया।

