सक्ती में इंजेक्शन वॉयल और एमपुल से गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र*
*सक्ती में इंजेक्शन वॉयल और एमपुल से गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र*
सक्ती/- पिछले 9 वर्षों की भांति हर बार नये तरीके से इस वर्ष इंजेक्शन वॉयल और एमपुल से गणेश पंडाल बनाया गया है। पंडाल की साईज 36 इंच लम्बाई 24 इंच की चौड़ाई और 36 इंच की ऊँचाई है जो सबसे छोटे पंडाल माना जाता है इसको बनाने के लिये उपयोग में लाई गई वस्तु काँच की सीसी, पार्टिकल बोर्ड, सिलिकॉन गलू, फेविकिवक, ग्लास, बाऊल, रबड़ टॉप, एलमुनियम आदि है। इसमे 1465 के आसपास वॉयल और 1730 के लगभग एमपुल एवं 828 रबड़ के ढक्कन का उपयोग हुआ है 2000 के के ऊपर एल्मुनियम कवर लगी हुई है इंजेक्शन के शीशी के हर चीज की उपयोग में लाया गया है। सीसी को खोलने, धोने, पोछने, काटने और इस पंडाल को बनाने में 120 घंटे के आस पास समय लगा है। प्रतिदिन सुबह आरती के बाद अलग अलग प्रसाद का वितरण सारा दिन किया जाता है। एवं बच्चो के लिये स्पेशल शीशी में मीठी गोली वाली प्रसाद दी जा रही है। कार्यक्रम में सहयोग करने वाले *उमाशंकर विजय जांजगीर (प्रेक्टिनर)* एक साल से इंजेक्शन उपयोग के बाद खाली सीसी को संभाल कर रखते रहे *हीरा नंद जयसिंग बिलासपुर* ॐ मेडिकल स्टोर्स बिलासपुर के द्वारा फोन पर जानकारी दी गई इन्हों तुरन्त अपने शॉप से 1800 एमपुल पैक करके बस से भिजा दिये *मिलन श्रीवस, संतोष महन्त के द्वारा बहुत अच्छा गाना कोडके मौर्य के ऑडियो रिकार्डिंग स्टूडियो मे* शीश महल में विराजे गणेश जी गाने कि रिकार्डिंग की गई श्री सिद्ध हनुमान मंदिर के पुजारी सहित मंदिर परिवार का विशेष सहयोग रहा ।
तंबोली जी ने बताया कि हमेशा की तरह मेरे पापा नंदकिशोर, माता सुशीला, भाभी ममता, पत्नी सुनीता, भाई बहू मनीषा, भाई राजू एवं सेज़ल कोमल ढोलू अंशु आशी रोली मौली का सहयोग प्यार आशीर्वाद मिला हैं और नगरवासी बच्चें बढ़े बूढ़े माता बहन,बेटी, भाभी सभी के उत्साह प्यार आर्शीवाद मिला है तब ये गणेश चतुर्थी का पर्व मेरे लिये पूर्ण हुई है।

Narayan Rathore Editor
