*सक्ती जिला में सटोरियों की बल्ले बल्ले*
*सक्ती जिला में सटोरियों की बल्ले बल्ले*
*आईसीसी वर्ल्ड कप में सक्ती से लग रहा करोड़ का जुआ सट्टा, 29 को महाकुंभ*

सक्ती/- आईसीसी वर्ल्ड कप में सक्ती से लगा करोड़ का जुआ सट्टा लेकिन सक्ती पुलिस के हाथ खाली ऐसा नहीं कि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं उन्हें अपने अकाओ कि खातिरदारी से फुरसत नहीं ऐसा नहीं रहता तो ईडी ने जिन 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर के लिए आदेश किया था आज कई महीने गुजर जाने के बाद भी उनके ऊपर किसी भी तरह का एफआईआर सक्ती पुलिस के द्वारा नहीं किया गया है। इस जुआ सट्टा के मकड़जाल में फंसकर लोगों की जिंदगी तबाह हो रही है रातोंरात करोड़पति बनने का सपना देखने वाले लोग शार्टकट तरकीब अपना रहे हैं, जिसका खामियाजा जिंदगी गवांने के बाद उसके परिवार को भुगतना पड़ रहा है कर्ज से परेशान होकर लोग मौत को गले लगा रहे है ऑनलाइन सट्टा से लाखों करोड़ों पाने के लालच में ऐसे कई लोग कर्ज लेकर दांव लगा बैठते हैं और दांव चूकने पर उन्हें जिंदगी गंवानी पड़ जाती है। ऐसे कई लोग पीड़ित हैं, जिनका जुआ सट्टा की लत ने घर बार छीन लिया। फिर भी लाखों के कर्ज का तगादा झेल रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत के साये में जीने मजबूर हैं।
खास बात यह है कि रातोंरात करोड़पति बनने के हसीन सपने को पूरा करने के लिए जुआ सट्टा में किस्मत आजमा रहे हैं और उसमें दांव लगाने के लिए पैसे उन सूदखोरों से लेते हैं, जिनका पेट राशि अदायगी के बाद भी नहीं भरता। अनाप-शनाप ब्याज और वसूली के लिए किसी भी हद को पार कर देने की वजह से लोग मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाते, जिसका नतीजा अंत उन्हें मोत की गोद मे सुला देता है यह गंभीर समस्या समाज के लिए नासूर है, जिसका अंत दूर-दूर तक नजर नहीं आता जिसका सबसे बड़ा कारण सटोरियों को पुलिस का सपोर्ट है यह सक्ती जिले में साफ दिखाई पड़ता है इसके पीछे कई वजह है लोग मानसिक रूप से बहुत परेशान होते हैं। उनमें इतना साहस भी नहीं बच पाता कि गलत के खिलाफ आवाज उठाए। हालांकि कई बार लोग आवाज भी उठाते हैं, लेकिन सिस्टम से बंधी प्रशासनिक व्यवस्था में सब धरी की धरी रह जाती है, जिसके चलते लोगों को न्याय नहीं मिल पाता।
