*पाइप लाइन बिछाने एनएच के शोल्डर को पहुंचा रहे नुकसान, बारिश में बढ़ेगी मुसीबत*
*पाइप लाइन बिछाने एनएच के शोल्डर को पहुंचा रहे नुकसान, बारिश में बढ़ेगी मुसीबत*
हमर छत्तीसगढ़ न्यूज़ नारायण राठौर
सक्ती/- पिछले दो साल से सक्ती- मालखरौदा राज्य मार्ग-16 में सड़क के सोल्डर को जल आवर्धन योजना के तहत ठेकेदार के द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए क्षतिग्रस्त कर दिया है। शोल्डर को खोदकर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी तो ली गई है, लेकिन ठेकेदार द्वारा शोल्डर को छोड़कर पाइपलाइन बिछाने की बजाय शोल्डर को ही तोड़कर काम कराया जा रहा है।
ग्राम छोटे सीपत, कुरदा में पक्की सड़क को तोड़कर ठेकेदार द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया है। पिछले साल सोल्डर में बिछाए गए पाइपलाइन के चलते पोता नहर पार के पास सड़क का बड़ा हिस्सा पानी जमा होने से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क में जगह ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं जगह गड्ढे बन गए हैं जिससे हर पल मार्ग में आने-जाने वालों को दुर्घटना का डर सताते रहता है। यही हाल बरसात में बड़े सीपत तथा सकर्रा के पास भी दिखाई दी थी, जहां बारिश का पानी निकासी नहीं होने से सड़क पर ही जमा हो गया था। लोग इससे दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। मजेदार बात तो यह है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एनओसी देने के बाद आंख मूंद लिए हैं। ठेकेदार कहीं पर भी पाइपलाइन बिछा दे रहे हैं, कहीं पर भी खुदाई कराई जा रही है। आए दिन ट्रक-हाइवा पाइप लाइन के गढ़ों में फंस कर दुर्घटना का शिकार जिस प्रकार से बिना रोक-टोक के सोल्डर को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। साथ ही उसके ऊपर मिट्टी का मेढ़ बना दिया जा रहा है, इससे बरसात होने पर बारिश का पानी सड़क से बाहर नहीं निकल पाएगा इससे एक बार फिर बरसात में सड़क पर जगह-जगह गड्डा बन जाएगा। इससे सक्ती-मालखरौदा मार्ग बरसात में गड्डे में तब्दील हो जाएगा। गत वर्ष घोघरी से छपोरा के बीच लोगों को काफी परेशानी हुई थी। इसकी शिकायत भी लोगों ने की, लेकिन ठेकेदार के रसूख के कारण ठेकेदार पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।हो रहे हैं। कुछ दिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य ग्रामीण द्वारा शिकायत करने के बाद बंद कर दिया गया था। लेकिन एक बार फिर से ग्राम पोता में शोल्डर को खोदकर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। सड़क के शोल्डर को खोदने के बाद मिट्टी को पक्की सड़क में ही डाल दिया जा रहा है। मिट्टी को ही पाइप लाइन में भर दिया जा रहा है। मिट्टी सड़क पर ही रुक जा रही है। ऐसे में ट्रक, यात्री बसों के चलने से सड़क में धूल-धुएं का गुबार फैल जा रहा है। इससे लोगों का आना- जाना मुश्किल हो गया है।