*जेठा सक्ती बना गांजा और शराब का गण कलेक्टर और एसपी को अपने कमीशन से मतलब*
सक्ती/- सक्ती जिले में जहाँ कलेक्टर और एसपी बैठते है आज वही जगह गांजे और शराब बेचने वालों का गण बना हुआ है जेठा रहने के लिए छोटा सा जगह है लेकिन आज यहाँ गांजावाला और दारू बेचने वालों का पांचों उंगलियां धी पर है मानो इन्हें गांजे और शराब बेचने का लायसेंस मिला हुआ है। छोटे-छोटे बिचोलियो से लेकर बड़े रसूखदार भी यहां इस धंधे पर लिप्त हैं खेल तो एसपी ऑफिस और कलेक्टर ऑफिस से महज 150 से 200 मीटर की दूरी से ही चालू हो जाता है और काफी फल फूल रहा है तो ऐसे में क्या एसपी और कलेक्टर सर को इस बात की जानकारी नहीं होगी यह सोचने वाली बात है इससे साफ पता चलता है कि कमीशन खोरी के चलते सारा कार्य फल फूल रहा है माह भर पहले कलेक्टर ऑफिस के पास नहर में एक पिकअप पलटा हुआ था जिसमें 8 किलो गांजा बरामद हुआ था जो जेठा के ही एक रसूखदार का था जिसे दबा दिया गया कमीशन से टोल नाका के पास से ही शराब का कारोबार चालू हो जाता है ₹50 में पुड़िया ₹120 में पऊवा एवं 50 मे पन्नी असानी से मिल जाता है।
