अधिवक्ता हत्याकांड : पहचान बदली, आवाज बदली और फिर बेरहमी से कत्ल; इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरा काला कोट…
हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर
रायगढ़: तुमीडीह के खौफनाक जंगलों में तीन दिन पहले मिली युवती की निर्वस्त्र लाश की शिनाख्त ने पूरे जिले को दहला दिया है। मृतका की पहचान पेशे से वकील आराधना सिदार के रूप में हुई है, जिसकी नृशंस हत्या ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी जितनी सुलझती दिख रही है, मृतका की बहन के खुलासे ने उसे उतना ही डरावना बना दिया है; बहन का दावा है कि हत्या वाले दिन आराधना के फोन से कोई अनजान महिला उसकी आवाज निकालकर बात कर रही थी, जो इस हत्याकांड के पीछे किसी गहरी साजिश और शातिर दिमाग की ओर इशारा करता है। पुलिस की “कछुआ चाल” जांच से भड़के अधिवक्ता संघ ने आज पैदल मार्च निकाल कर एसएसपी शशि मोहन सिंह का घेराव किया और दोटूक चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दरिंदों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ी जाएगी। साक्ष्यों के मिटने के डर और कातिलों के खुले घूमने से उपजे इस आक्रोश ने अब पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
