*परसदा खुर्द हत्याकांड के बाद लापता प्रांशु को लेकर बढ़ी बेचैन*

*परसदा खुर्द हत्याकांड के बाद लापता प्रांशु को लेकर बढ़ी बेचैन*

*14 दिन से नहीं मिला 14 वर्षीय बालक का सुराग, हर दस्तक पर टिकी हैं मां-बाप की निगाहें*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

सक्ती /-परसदा खुर्द में 13 वर्षीय बालक कपिल केंवट की हत्या और खेत में दफन शव मिलने की हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद अब 14 दिनों से लापता 14 वर्षीय प्रांशु साहू पिता दिनेश साहू बेल्हाडीह का मामला भी लोगों की चिंता का बड़ा विषय बन गया है। जहां एक ओर परसदा खुर्द की घटना ने यह साबित कर दिया कि लापता बच्चों के मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, वहीं दूसरी ओर प्रांशु के माता-पिता हर गुजरते दिन के साथ डर, बेचैनी और अनिश्चितता के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। प्रांशु साहू के लापता होने के बाद से उसका परिवार लगातार पुलिस अधिकारियों से बेटे की तलाश तेज करने की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने हर संभव स्तर पर गुहार लगाई, लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी उनके बेटे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार की आंखें आज भी हर आहट और हर फोन कॉल पर टिक जाती हैं, इस उम्मीद में कि शायद कोई अच्छी खबर मिले।

परसदा खुर्द की घटना ने बढ़ा दिया डर :-

परसदा खुर्द में पहले एक बालक के लापता होने और बाद में उसकी हत्या का खुलासा होने से प्रांशु के परिजनों की चिंता कई गुना बढ़ गई है। उनका कहना है कि जब भी किसी लापता बच्चे की खबर सामने आती है, उनका मन आशंकाओं से भर जाता है। हालिया घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है और अब उन्हें हर पल किसी अनहोनी का भय सता रहा है।

परिवार की एक ही मांग— बेटा सकुशल मिल जाए :-

प्रांशु के माता-पिता का कहना है कि उन्हें किसी से शिकायत नहीं, बल्कि सिर्फ अपने बेटे की तलाश चाहिए। उनका आग्रह है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खोज अभियान को और तेज किया जाए, तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, संभावित संपर्कों और अन्य सभी पहलुओं पर गहन जांच कर जल्द से जल्द प्रांशु का पता लगाया जाए।

जिले में बढ़ी चिंता, लोगों की नजरें जांच पर :-

प्रांशु साहू के लापता होने का मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं रह गया है, बल्कि जिलेभर में चर्चा का विषय बन चुका है। परसदा खुर्द की घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि लापता बच्चों के मामलों में शुरुआती स्तर पर तेज और व्यापक खोजबीन कितनी आवश्यक है। स्थानीय लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रांशु का जल्द पता चले और परिवार की लंबे समय से चली आ रही चिंता समाप्त हो। फिलहाल प्रांशु साहू की तलाश जारी है। परिवार आज भी उसी उम्मीद के सहारे है कि उनका बेटा सकुशल घर लौटे और 14 दिनों से पसरा इंतजार खत्म हो।
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प्रांशु साहू के लापता होने के मामले को पुलिस पूरी गंभीरता से ले रही है। उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में उपलब्ध सभी तथ्यों, तकनीकी साक्ष्यों और संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। जिले की पुलिस टीम लगातार सक्रिय है और परिजनों के साथ भी निरंतर संपर्क में है।

प्रफुल्ल कुमार ठाकुर
पुलिस अधीक्षक
सक्ती
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