*चिटफंड कंपनी बनाकर लगभग 10 करोड रुपए के ठगी के मामले में मुख्य डायरेक्टर फरार आरोपी गिरफ्तार*

*चिटफंड कंपनी बनाकर लगभग 10 करोड रुपए के ठगी के मामले में मुख्य डायरेक्टर फरार आरोपी गिरफ्तार*
*08 मामलों में फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में बिलासपुर पुलिस को मिली सफलता*
हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर
बिलासपुर/- कैरियर ड्रीम एजुकेशनल एकेडमी नामक चिटफंड कंपनी बनाकर लगभग 10 करोड रुपए के ठगी के मामले में मुख्य डायरेक्टर फरार आरोपी अरुण कुमार वर्मा को गिरफ्तार करने में बिलासपुर पुलिस को सफलता मिली है आरोपी के द्वारा चिट फंड कंपनी में ज्यादा फायदा देने का लालच देकर निवेशकों से करीब 10 करोड़ रुपए का निवेश कराकर धोखाधड़ी किया गया है आरोपी एवं उसके अन्य साथियों के विरुद्ध बिलासपुर जिले में 07 प्रकरण एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले जिले में 01 प्रकरण कुल 08 प्रकरण पंजीबद्ध है , सभी प्रकरणों में आरोपी विगत 6 वर्षों से फरार था जिसे भोपाल से गिरफ्तार कर लाया गया है ।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के द्वारा द्वारा बिलासपुर जिले में चिट फंड कंपनियों के विरुद्ध दर्ज लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं , एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा को चिट फंड प्रकरणों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है ।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में चिटफंड संबंधी लंबित प्रकरणों में लगातार समीक्षा कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने एवम संपत्ति चिन्हित कर कुर्क कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है । समीक्षा के दौरान पाया गया कि आरोपी अरुण कुमार वर्मा के विरुद्ध थाना सरकंडा में 04 प्रकरण थाना कोतवाली में 02 प्रकरण एवं थाना कोनी में 01 प्रकरण तथा थाना बिलाईगढ जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ में 01 कुल 08 प्रकरण दर्ज है,जो की वर्ष 2018 से ही परिवार सहित फरार है ।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा उक्त मामले को चैलेंज के रूप में स्वीकार करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा के मार्गदर्शन नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा सिद्धार्थ बघेल के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक तोप सिंह नवरंग के नेतृत्व में आरोपी अरुण कुमार वर्मा को पता तलाश कर गिरफ्तार करने हेतु टीम का गठन किया गया । टीम द्वारा फरार आरोपी अरुण कुमार वर्मा के संबंध में लगातार एकत्रित कर रही थी आरोपी के घटना समय से लेकर आज दिनांक तक के संबंध में मिलने वाले हर जानकारी पर का बारीकी से विश्लेषण कर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य किया जा रहा था इसी दौरान मिले तकनीकी विश्लेषण से जानकारी प्राप्त हुआ कि आरोपी अरुण कुमार वर्मा वर्तमान में जिला अलवर राजस्थान में रहता है एवं उसका परिवार भोपाल मध्य प्रदेश में रह रहा है , उपरोक्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर निर्देशानुसार उप निरीक्षक कृष्णा साहू आरक्षक वीरेंद्र साहू एवं रंजीत खांडे को भोपाल भेजा गया भोपाल पहुंचने पर पता चला की आरोपी भोपाल से इंदौर चला गया है ,जिसके वापस आने का इंतजार किया गया और अंततः आरोपी को आयकर कॉलोनी भोपाल से उसके किराए के मकान से हिरासत में लेकर थाना लाया गया है ।
पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज होने के बाद वह डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सागर और इंदौर में परिवार सहित छुपकर रह रहा था इसके बाद स्वयं नौकरी करने हेतु अलवर राजस्थान चला गया और अपनी पत्नी को आयकर कॉलोनी भोपाल में किराए के मकान में छोड़ दिया था छिपने का आईडिया उसे फिल्मों से मिली थी
प्रकरण के अन्य आरोपीगण प्रदीप चंद्राकर सतानंद चंद्राकर के विरुद्ध पूर्व में वैधानिक कार्रवाई कर प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है आरोपी अरुण कुमार वर्मा के फरार रहने के कारण न्यायालय द्वारा बिलासपुर जिले के सभी 07 प्रकरणों में स्थाई वारंट जारी किया गया है ।