


निरीक्षण के दौरान सीईओ ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। ग्रामीणों द्वारा पेयजल व्यवस्था एवं आंतरिक गलियों की मरम्मत की मांग प्रमुख रूप से रखी गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।