*बेलगहना 15 जून से रेत घाट बंद फिर भी 27 जून को पब्बजी के नीले ट्रैक्टर ने ली जान*

*बेलगहना 15 जून से रेत घाट बंद फिर भी 27 जून को पब्बजी के नीले ट्रैक्टर ने ली जान*

*CM साय के अवैध उत्खनन बंद के दावे की खुली पोल 13 साल के अभय की मौत पर सिस्टम से 5 सवाल*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

बिलासपुर/बेलगहना/ शासन का आदेश था कि 15 जून 2026 से छत्तीसगढ़ के सारे रेत घाट बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ने कई बार कहा कि प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लेकिन 27 जून को रतखंडी की सड़क पर वो हुआ जिसने इन दावों को लहूलुहान कर दिया। अवैध रेत से लदे बिना नंबर के नीले पावर ट्रैक ट्रैक्टर ने 13 साल के अभय पटेल को कुचल दिया। मौके पर ही मासूम की सांसें थम गईं।

अब पूरा बेलगहना पूछ रहा है: अगर वाकई रेत घाट बंद हैं और अवैध उत्खनन रुका है तो 27 जून को रेत से लदा ट्रैक्टर कहां से आया? और 13 साल का अभय आज जिंदा क्यों नहीं है

हादसा नहीं सिस्टम का कत्ल: कैसे दौड़ा मौत का नीला ट्रैक्टर
शुक्रवार रात रतखंडी गांव में चीख पुकार मच गई। नीले रंग का पावर ट्रैक ट्रैक्टर, बिना नंबर प्लेट और ऊपर तक रेत से लदा हुआ सड़क पर मौत बनकर दौड़ रहा था।

स्टेयरिंग पर बैठा था गांव का ही एक नाबालिग जिसे सब पब्बजी’ के नाम से जानते हैं। सामने से आ रहे 13 साल के अभय पटेल को उसने देखा ही नहीं। एक झटके में ट्रैक्टर बच्चे को रौंदता हुआ निकल गया। पीछे रह गई सिर्फ खून से सनी सड़क और बिलखता हुआ परिवार।

पब्बजी’ को बचाने का खेल: मालिक ने पुलिस को लिखवाया ‘खेतन नायक’ का नाम

हादसे के बाद सबसे बड़ा खेल शुरू हुआ। ग्रामीणों का साफ कहना है कि ट्रैक्टर गांव का नाबालिग पब्बजी चला रहा था। मौके पर कई लोगों ने उसे ट्रैक्टर से कूदकर भागते देखा। लेकिन ट्रैक्टर मालिक सुनील नायक थाने पहुंचा और चालक का नाम खेतन नायक निवासी रतखंडी’ लिखवा दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि MV Act 199A के तहत 3 साल की जेल से बचने के लिए मालिक ने असली नाबालिग चालक पब्बजी’ का नाम छुपा दिया है। नाबालिग से गाड़ी चलवाना सीधा गैर जमानती अपराध है। इसलिए किसी बालिग लाइसेंसी ड्राइवर का नाम आगे कर दिया गया। अब पुलिस किसे पकड़ेगी: असली ‘पब्बजी’ को या कागजों के ‘खेतन नायक’ को

15 दिन पहले भी हुआ था खूनी खेल मरीज घर लौटे पर ड्राइवर की गिरफ्तारी नहीं

यह सुनील नायक परिवार के ट्रैक्टर से पहला हादसा नहीं है। ठीक 15 दिन पहले उसके छोटे भाई के ट्रैक्टर ने कंचनपुर बाजार चौक में 3 मासूम बच्चों को कुचल दिया था। तीनों का इलाज सिम्स बिलासपुर में चला था। कंचनपुर हादसे के मरीज अब ठीक होकर घर वापस आ गए हैं लेकिन उस मामले में आज तक किसी भी ड्राइवर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यही वजह है कि हौसले बुलंद हैं। दो बड़े हादसों के बाद भी न ट्रैक्टर जब्त हुआ न मालिक पर कार्रवाई हुई। अगर 15 दिन पहले ही सख्त एक्शन लिया गया होता तो शायद आज अभय जिंदा होता।

रेत माफिया का खौफ: वरिष्ठ नागरिक भी बोलने से डरते हैं
रतखंडी करहीकछार पोड़ी के वरिष्ठ नागरिक नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि यहां रेत माफिया का ऐसा खौफ है कि कोई जुबान नहीं खोलता। जो शिकायत करता है उसे रात में धमकी मिलती है। दिनदहाड़े बिना नंबर के ट्रैक्टर रेत ढोते हैं, लेकिन माइनिंग विभाग, पुलिस और तहसील सब आंख मूंद लेते हैं। इसी डर और मिलीभगत के कारण 15 जून से घाट बंद होने के बाद भी अवैध उत्खनन चालू है। उसी का नतीजा है अभय की मौत।

CM के दावों पर भारी पड़ा माफिया का तंत्र

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का बयान रिकॉर्ड पर है कि प्रदेश में अवैध उत्खनन पर पूरी तरह लगाम लगा दी गई है। लेकिन रतखंडी की घटना बता रही है कि जमीन पर माफिया का तंत्र CM के दावों से ज्यादा मजबूत है। 15 जून से रेत घाट बंद हैं तो 27 जून को ट्रैक्टर में रेत कहां से लदी? क्या बिना अफसरों की मिलीभगत के ये मुमकिन है क्षेत्र के लोग पूछ रहे हैं कि जब सरकार का आदेश ही नहीं माना जा रहा तो फिर ऐसे आदेश का मतलब क्या है

कोटा में सिर्फ मर्ग क्या बेलगहना दबा देगी फाइल

अभय पटेल पिता जयलाल पटेल की मौत के बाद थाना कोटा में मर्ग क्रमांक 101/126 कायम किया गया है। क्षेत्र बेलगहना चौकी का होने के कारण अब जांच वहीं होगी। लेकिन ग्रामीणों को डर है कि पहले की तरह इस बार भी सिर्फ मर्ग की खानापूर्ति होगी।

कानून क्या कहता है: मालिक सीधे जाएगा जेल

कानून के जानकार बताते हैं कि अगर पब्बजी’ की उम्र 18 से कम निकली तो मालिक सुनील नायक का जेल जाना तय है। BNS की धारा 106(1) – लापरवाही से मौत में 5 साल तक की सजा है। MV Act 199A के तहत नाबालिग से वाहन चलवाने पर 3 साल जेल और 25,000 जुर्माना है। साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है। बिना नंबर प्लेट के लिए धारा 192 अलग से लगेगी। यानी मामला पूरी तरह गैर जमानती बनता है।

जनता के 5 सवाल जवाब देगा कौन
शासन ने 15 जून से रेत घाट बंद किया तो 27 जून को अवैध रेत से लदा ट्रैक्टर कहां से आया

CM साय के अवैध उत्खनन बंद के दावे के बाद भी रेत माफिया बेखौफ कैसे

असली नाबालिग चालक ‘पब्बजी’ कहां है और क्या सुनील नायक ने ‘खेतन नायक’ का नाम गलत लिखवाया है

वरिष्ठ नागरिकों के डर की वजह से कब तक माफिया पनपते रहेंगे और मासूम मरते रहेंगे

13 साल के अभय की मौत का जिम्मेदार कौन: नाबालिग ड्राइवर मालिक सुनील माइनिंग विभाग या आदेश लागू न करवा पाने वाला पूरा सिस्टम

रतखंडी में गुस्सा चरम पर है। ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि 48 घंटे में असली नाबालिग चालक ‘पब्बजी’ की गिरफ्तारी और अवैध रेत घाटों पर स्थायी रोक नहीं लगी तो NH-130 पर चक्काजाम किया जाएगा।