*पीएम आवास योजना की सर्वे सूची पर उठे सवाल*

*पीएम आवास योजना की सर्वे सूची पर उठे सवाल*

 

सक्तीः ग्राम पंचायत पोरथा में प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सर्वे सूची की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम गठित करने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची तैयार करने में आवास मित्र दीपेश राठौर एवं सरपंच पुत्र तनु राठौर की भूमिका रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सूची में बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों के नाम शामिल किए गए हैं, जो योजना की पात्रता नहीं रखते। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूची में ऐसे लोगों को भी पात्र बताया गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, जो शासकीय सेवा में कार्यरत हैं अथवा पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ मामलों में पति-

पत्नी के नाम अलग-अलग दर्ज किए गए हैं, जबकि कुछ विवाहित महिलाओं के नाम विवाह के बाद भी मायके की सूची में शामिल हैं।

सभी हितग्राहियों का करें भौतिक सत्यापन: शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि सूची में शामिल सभी हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभवास्तविक जरूरतमंदों के बजाय अपात्र लोगों को मिलने से शासकीय राशि का दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।