*वेदांता प्रबंधन के द्वारा अंबेडकर भवन का नाम बदलने पर बवाल; कांग्रेस, महिला समिति व सामाजिक संगठनों का विरोध*
राजेंद्र दास, जिला प्रमुख कोरबा
पाड़ीमार, बालको टाउनशिप सेक्टर 5 में स्थित ‘अंबेडकर भवन (कम्युनिटी सेंटर)’ का नाम बालको वेदांता प्रबंधन द्वारा बदलकर ‘वेदांता स्किल स्कूल’ किए जाने से कोरबा जिले में तीखा विरोध भड़क उठा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और ‘हम होंगे कामयाब महिला शक्ति समिति’ ने कलेक्टर को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भवन का पुराना नाम तत्काल बहाल करने और प्रबंधन से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
कांग्रेस ने दर्ज कराई आपत्ति
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बालको के अध्यक्ष ए.डी. जोशी की ओर से कलेक्टर, कोरबा को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि पहले से संचालित ‘अंबेडकर भवन’ का नाम बदलकर ‘वेदांता स्किल स्कूल’ कर दिया गया है। आवेदन में इस पर आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और बालको प्रबंधन को भवन का नाम पुनः ‘बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन’ किए जाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल समर्थक भी थे, इसलिए उनके नाम पर स्थापित भवन का नाम बदलना स्थानीय नागरिकों और उनके अनुयायियों की भावनाओं से सीधे जुड़ा विषय है। आवेदन में लिखा गया है-
“हमें विश्वास है कि जिला प्रशासन इस जनभावना एवं सामाजिक समाज से जुड़े विषय पर उचित निर्णय लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम की पुनः स्थापना सुनिश्चित करेगा।”
आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, कोरबा तथा थाना प्रभारी, बालको को भी भेजी गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ने मामले को केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित न रखते हुए कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया है। हालांकि आवेदन में यह उल्लेख नहीं है कि नाम बदलने का निर्णय कब लिया गया और इसके लिए बालको प्रबंधन ने कौन-सी आधिकारिक प्रक्रिया अपनाई।
महिला शक्ति समिति ने चेताया – ‘यह संविधान निर्माता का अपमान’
‘हम होंगे कामयाब महिला शक्ति समिति’ ने भी कलेक्ट्रेट पहुँचकर जन दर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन की केंद्रीय अध्यक्ष लक्ष्मीन दीदी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में भवन का नाम बदले जाने को संविधान निर्माता का अपमान करार दिया गया और कहा गया कि कंपनी का यह कृत्य बर्दाश्त से बाहर है।
ज्ञापन के अनुसार बालकोनगर के रहवासी, स्थानीय ट्रेड यूनियनें, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) व अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की संस्थाएं और विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले से आहत महसूस कर रहे हैं। संगठन ने बालको प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं:
🔹सार्वजनिक माफी – बालको वेदांता प्रबंधन अविलंब क्षेत्र की जनता से माफी मांगे।
🔹यथावत नामकरण – भवन का नाम पुनः संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर तत्काल बहाल किया जाए।
🔹कानूनी कार्रवाई – मांग पूरी न होने पर सभी संगठन मिलकर बालको वेदांता के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेंगे।
🔹अनिश्चितकालीन धरना – पहले शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जाएगा।
