*सकरेली कला में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क, के जांच में जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपदी कीर्तन चंद्रा एसडीओ मनीष राजपूत पहुंचे निरीक्षण में*
सक्ती /- जिले के सकरेली कला में जिला विकास निधि से 20 लाख से बनाई गई सड़क मात्र एक माह के अंदर ही दो भागों में बंट गई और सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गया जिसकी शिकायत
ग्रामीणों ने लिखित अनेकों बार जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित उच्च अधिकारियों को दी गई परंतु ग्रामीणों को हमेशा आश्वासन मिलता रहा और आज तक इसकी जांच नहीं हो पाई थी जिसका समाचार प्रमुखता से छापा गया था समाचार मे छपने बाद जिला पंचायत अध्यक्ष द्रोपती चंद्रा एवं एसडीओ मनीष राजपूत मौके पर निरीक्षण करने पहूंचे जहां उन्होंने पाया सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गई है और इंस्ट्रूमेंट से हटकर कार्य पाया गया सीसी रोड ढलाई कहीं 2 इंच तो कहीं 3 इंची पाई गई पूरी तरह गुणवत्ताहीन जर्जर टूटी हुई पाए जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्रोपती चंद्र ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों के आने-जाने के लिए ग्रामों में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है परंतु इंजीनियर एसडीओ की लापरवाही से 20 लाख रुपए से बनने वाली सड़क एक माह से जिस प्रकार टूट चुकी है और आज मौके पर निरीक्षण में इसकी मोटाई दो से तीन इंच एवं पूरी सड़क टूटी हुई पाई गई है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण में इंजीनियर एसडीओ के द्वारा कितनी लापरवाही बढ़ती जा रही है मौके पर उपस्थित एसडीओ मनीष राजपूत से जिला पंचायत अध्यक्ष द्रोपती चंद्रा ने इसकी जानकारी ली तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दे पाया और चलते बने जो संदेह के दायरे में है निरीक्षण में पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष द्रोपती चंद्रा को ग्रामीणों ने बताया हमारे द्वारा जिला पंचायत सीईओ को इस संबंध में अवगत कराया गया था शीघ्र जांच कर कर उक्त जो निर्माण कार्य हुआ है ऐसे भ्रष्टाचार निर्माण करने वाले एजेंसी मूल्यांकन एवं सत्यापन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही एवं भुगतान न किया जाए की मांग की गई थी परंतु शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने इस गुणवत्ताहीन सड़क का भुगतान किया गया है जिससे हम ग्रामीणों में इस कार्य को लेकर आक्रोश है ग्रामीणों ने बताया शीघ्र अगर उक्त सड़क का पुनः निर्माण कराया जाए और इस प्रकार से गुणवत्ता हीन कार्य और एस्टीमेट से हटकर कार्य करने के बाद भी मूल्यांकन भुगतान सत्यापन करने वाले अधिकारी पर निलंबन एवं वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए , अगर कोई कार्यवाही ऐसे अधिकारियों पर नहीं होगी तो हमारे द्वारा अंनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठेंगे , जब तक घटिया निर्माण कार्य के बाद भी मूल्यांकन करने वाले इंजीनियर एवं सत्यापन एस डी ओ भुगतान करने के लिए आदेश जारी कर दिया है इस बात से साबित होता है कि यह पूरा खेल विभाग के आंखों के सामने चल रहा है इस प्रकार से भ्रष्टाचार से बनने वाली सड़क पर कहीं ना कहीं इनका भी हिस्सेदारी है क्योंकि फोटो सहित जिला पंचायत सीईओ को हमारे द्वारा अवगत कराया गया था फिर भी भुगतान कर दिया गया है इससे प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों की भी सालिपत्ता है उक्त घटिया और टूटे हुए सड़क का भुगतान किस नियम शर्त को रखकर किया गया यह समझ से परे हैं ग्रामीण निलांबर साहू ने बताया जब इस सड़क का निर्माण चल रहा था हमारे द्वारा इंजीनियर को कई बार शिकायत की गई और बताया गया की एस्टीमेट में जो मापदंड के अनुसार सड़क बनना है उसी हिसाब से बनाया जाय उसके बाद भी उसके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया जिसका खामियाजा आज ग्रामवासी और इस सड़क में चलने वाले हम ग्रामीण भुगत रहे हैं क्योंकि मात्र एक माह के अंदर ही यह सड़क पूरी तरह टूट चुकी थी हमारे द्वारा लिखित शिकायत अधिकारियों को फोटो चित्र के साथ अवगत कराया गया था उसके बाद भी अधिकारियों ने सड़क का भुगतान कर दिया गया
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सड़क के गुणवत्ता को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष द्रोपती कीर्तन चंद्रा ने बताया निर्माण की शिकायत हम तक पहुंची थी एवं समाचार पत्र के माध्यम से हमारे द्वारा आज एसडीओ सुमित राजपूत के साथ मौका निरीक्षण किया गया जहां पर 20 लाख रुपए से बनी हुई सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और एस्टीमेट में 8 इंच की ढलाई होनी थी परंतु मौके पर कहीं 2 इंच तो कहीं तीन अंतिम चार इंच तक ढलाई पाई गईं हैं इस कार्य में लगे इंजीनियर के द्वारा मूल्यांकन एवं आर ई एस एसडीओ व्दारा सत्यापन कर भुगतान जो कर दिया गया है यह गलत है ऐसे मूल्यांकन एवं सत्यापन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को अवगत कराऊंगी ताकि ऐसे कार्य करने वाले अधिकारियों पर लगाम लग सके।