*किसानो के हित में भारतीय किसान संघ 27 को सौपेगी अपना ज्ञापन*

*किसानो के हित में भारतीय किसान संघ 27 को सौपेगी अपना ज्ञापन*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

सक्ती /- देश में आए संकट को भारतीय किसान संघ गंभीरता से समझ रहा है। संकट की इस घड़ी में किसान भी देश के साथ खड़ा है। अन्नदाता होने के कारण सबका पेट भरने का दायित्व किसान का है, परंतु फसल उगाने के लिए जिन कृषि आदानों की आवश्यकता होती है, वह तो लगना ही है। खाद की व्यवस्था सरकारें ही करती है यदि खाद की व्यवस्था में कमी होगी तो निश्चित ही फसल पर इसका प्रभाव पड़ेगा और देखें तो किसान की आजीविका कृषि पर ही निर्भर है, यदि उत्पादन कम होता है तो किसान की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ेगा।

भारतीय किसान संघ लगातार खाद की कालाबाज़ारी के विरोध में सरकार को सूचित करता रहा है, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने कभी इसे रोकने के ठोस प्रयास नहीं किये हैं। परन्तु अब जब विषम अन्तर्राष्ट्रीय परिस्थितियों का किसानों की जीविका पर सीधा असर पड़ने पर भी किसानों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है; खाद की कालाबाज़ारी खुलेआम जारी रहने देना अक्षम्य है।

जिसे देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन स्वरूप ज्ञापन प्रदेश के प्रत्येक तहसीलों में दिया जाना सुनिश्चित किया गया है कि प्रदेश में खाद एवं बीज की किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए। भारतीय किसान संघ एक जिम्मेदार संगठन है यदि किसान हित पर कोई भी आंच आती है तो किसान संघ भविष्य में बड़ा आंदोलन करने के लिये बाध्य होगा।

किसानों के प्रमुख मांगें –

1. समितियों में पर्याप्त खाद की व्यवस्था की जाए, किसानों को एक बोरी डीएपी एवं दो बोरी यूरिया दिया जाए।

2. सभी निजी खाद विक्रेताओं पर दबाव बनाकर सही मूल्य में किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाए। अधिक मूल्य में खाद विक्रय करने वाले सभी विक्रेताओं पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

3. एग्रीस्टैक में पंजीकृत सभी किसानों को समितियों में नगद में खाद देने की व्यवस्था की जाए।

4. नैनो उर्वरकों के प्रयोग की सही जानकारी का अभाव एवं इन उर्वरकों की वर्षा के प्रति अतिसंवेदनशीलता को देखते हुये, इन उर्वरकों के प्रयोग में विफलता की संभावना बढ़ जाती है। अतः प्रति किसान दिये जाने वाले नैनो डीएपी एवं नैनो युरिया की कीमत घटाकर मात्रा को दुगना किया जाए।

5. किसानों को कृषि कार्य के लिये डीजल, कंटेनर / जेरीकैन में भी दिया जाय।

6. गुणवत्तापूर्ण बीजों का सस्ती दर में उपलब्ध करवाया जाए।