*चांपा वार्ड-26 की 30-40 साल पुरानी बस्ती पर बुलडोजर का साया नोटिस से मचा हड़कंप निवासियों ने कथित मीडिया-कर्मी पर लगाए गंभीर आरोप*

*चांपा वार्ड-26 की 30-40 साल पुरानी बस्ती पर बुलडोजर का साया नोटिस से मचा हड़कंप निवासियों ने कथित मीडिया-कर्मी पर लगाए गंभीर आरोप*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

जांजगीर-चांपा 4 जुलाई 2026। चांपा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-26 स्थित जगदल्ला छुइहा तालाब-नायक कॉलेज रोड पर बसे 30-40 साल पुराने परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस में तीन दिन के भीतर कथित अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और गरीब परिवारों ने प्रशासन से अपने आशियाने बचाने की गुहार लगाई है।

 

मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा 3 जुलाई को जारी नोटिस में कहा गया है कि अंग्रेजी शराब दुकान के पास छुइहा तालाब किनारे बिना अनुमति के निर्माण किया गया है

 

छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 का उल्लंघन है। नोटिस में तीन दिन के भीतर स्वयं निर्माण हटाने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं करने पर नगरपालिका द्वारा जेसीबी से कार्रवाई की जाएगी तथा उसका खर्च संबंधित लोगों स्वयं जिम्मेदार होने कहा गया है । नोटिस की प्रतिलिपि कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।

नोटिस मिलने के बाद वार्ड-26 के निवासियों ने नकटी गांव का हवाला देते हुए भारी नाराजगी जताया जा रहा है। उनका कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से इसी स्थान पर रह रहे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि उनकी बस्ती अवैध थी तो इसी पते पर आधार कार्ड राशन कार्ड मतदाता पहचान पत्र मकान नंबर और अन्य सरकारी दस्तावेज कैसे जारी किए गए। उनका आरोप है कि चुनाव के समय उन्हें मतदाता माना जाता है

लेकिन अब अचानक उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर हटाने की तैयारी की जा रही है।

 

स्थानीय निवासियों ने एक कथित मीडिया-कर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में प्रशासन पर दबाव बनाकर गरीब परिवारों के मकान तुड़वाने का प्रयास क्या जा रहा है।

वार्डवासियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि गरीबों का पक्ष रखने वाले ईमानदार पत्रकार को भी बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

मानसून के बीच संभावित बेदखली को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि मकान तोड़े गए तो छोटे बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों रहने वालों के ऊपर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। वार्डवासी अपने पुराने राशन कार्ड आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर नगरपालिका कार्यालय पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं तथा प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं।

 

फिलहाल इस मामले में नगरपालिका की ओर से निवासियों द्वारा उठाए गए सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब पूरे शहर की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन तीन दिन की समय-सीमा पूरी होने के बाद क्या निर्णय लेता है।