*गांव-गांव में महुआ शराब का कारोबार आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल*

*गांव-गांव में महुआ शराब का कारोबार आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल*

*मस्तूरी-पचपेड़ी-जोंधरा क्षेत्र में महुआ कच्ची देसी और विदेशी शराब की अवैध बिक्री के आरोप ग्रामीणों ने कलेक्टर और आबकारी विभाग से कार्रवाई मांग की*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

जिला बिलासपुर/मस्तूरी। शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के सरकारी दावों के बीच मस्तूरी पचपेड़ी और जोंधरा क्षेत्र की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के कई गांवों में महुआ शराब के साथ देसी और विदेशी शराब की बिक्री कथित तौर पर खुलेआम जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक शाम होते ही कई स्थानों पर शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

गांव-गांव में अवैध शराब बिक्री का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि पचपेड़ी मल्हार जोंधरा खपरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ शराब बनाने और बेचने का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। आरोप है कि शराब की बिक्री छोटे पाउच से लेकर बोतलों मे भी बेंची जा रही है और ग्राहकों तक शराब पहुंचाने के लिए बाइक के माध्यम से सप्लाई किए जाने की भी चर्चा है।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर मोबाइल और व्हाट्सऐप के जरिए ऑर्डर लेकर शराब पहुंचाने का तरीका भी अपनाए जाने का आरोप है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आबकारी विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाती है जबकि कथित बड़े सप्लायरों तक कार्रवाई नहीं पहुंचती। इसी वजह से आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

 

कुछ ग्रामीणों ने तो आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत और संरक्षण की आशंका भी जताई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

नशे की आसान उपलब्धता से युवा प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में शराब की कथित आसान उपलब्धता का असर युवाओं और परिवारों पर पड़ रहा है। नशे की वजह से घरेलू विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं की स्थिति बनने का भी दावा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों ने की विशेष कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मस्तूरी-पचपेड़ी जोंधरा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गांव-गांव में अवैध शराब बिक्री की जांच कथित महुआ पर कार्रवाई अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए

ग्रामीणों का कहना है कि केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए ताकि कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।

 

अब देखना होगा कि खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मस्तूरी पचपेड़ी जोंधरा क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।