*भारतीय किसान संघ ने जिले के सभी तहसीलो में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा*

*भारतीय किसान संघ ने जिले के सभी तहसीलो में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

सक्ती/ भारतीय किसान संघ जिला सक्ती के अध्यक्ष रमाकांत चंद्रा की अगुवाई में दिनांक 16.09.2026 को जिले के सभी तहसीलो में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन तहसीलदार को दिया गया।


गाय और किसान केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का भाग ही नहीं हैं, ये राज्य और देश के भविष्य की पूंजी हैं। देश की आत्मनिर्भरता और समृद्धि गायों और किसानों के विकास के बिना संभव ही नहीं है। परंतु दुर्भाग्य की बात है कि कृषि प्रधान होने पर गर्व करने वाले हमारे राज्य में दोनों को ही भारी उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को उनके उत्पादों अथवा भूमि की सही कीमत नहीं दी जा रही है। मनमाने तरीके से धान खरीदी के नियमों में बदलाव करके किसानों को उनकी फसल बेचने से रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं। लगातार बंजर होती जा रही भूमि के बचाव के लिये गौ आधारित जैविक खेती एक सहज उपाय है; परन्तु सरकार द्वारा रासायनिक खेती को ही लगातार बढ़ावा दिये जाने के कारण आज किसान पारंपरिक गौ आधारित खेती ही नहीं बल्कि गौ पालन से भी विमुख होते जा रहे हैं।

इन सभी समस्याओं के परिपेक्ष्य में किसानों की कुछ प्रमुख मांगें इस प्रकार रही।

1. भारतीय किसान संघ द्वारा गौवंदन योजना पर प्रस्ताव (संलग्न) पारित किया गया है, उसे प्रदेश में लागू किया जाए एवं जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन से जोड़ा जाए।

2. धान खरीदी की 2022-23 की किसानों की रुकी हुई ₹1700 करोड़ की राशि किसानों को तत्काल प्रदान की जाए।

3. खेती की लागत प्रतिवर्ष बढ़ती ही जा रही है। केन्द्र सरकार ने इस आधार पर धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। परन्तु राज्य सरकार ने यह लाभ किसानों को हस्तान्तरित न करते हुये धान के खरीदी मूल्य में पिछले 3 वर्षों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसके कारण किसानों की आय बढ़ने की बजाय घटती जा रही है। अतः कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ ₹800 की राशि को केन्द्र सरकार द्वारा तय किये गये समर्थन मूल्य से जोड़ कर ही दिया जाय। सब्जी एवं फलों की खेती करने वाले किसानों को भी कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।

4. धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए। किसानों के साथ अन्याय न हो इसलिये धान खरीदी में प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम लेने का शासन की ओर से आदेश भी जारी किया जाए। यह चिन्तनीय है कि माननीय श्री गजेन्द्र यादव जी, कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को भारतीय किसान संघ के मंच से हजारों किसानों और प्रेस के समक्ष घोषणा करने के बाद भी इसका आदेश जारी नहीं किया गया है।

5. एग्रीस्टेक में सम्मिलित खातेदारों को पंजीयन में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अतः धान खरीदी के लिये सभी खातेदारों के पंजीयन की अनिवार्यता के नियम को शिथिल किया जाए।

6. धान खरीदी में टोकन व्यवस्था में सुधार किया जाए। बड़े किसानों को पांच टोकन एवं लघु एवं सीमांत किसानों को क्रमशः तीन व दो टोकन दिया जाए। धान खरीदी के समय अनावश्यक दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद की जाए।

7. गन्ना फसल के मूल्य में ₹150 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाय एवं इसे कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।

8. अरपा-भैसाझार जैसी अन्य सभी अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में गति लाई जाए एवं पैरी हाईडैम जैसी नई परियोजनाएं जिनमें सिंचाई की बहुत अधिक संभावनाएं हैं, उन्हें तत्काल स्वीकृत किया जाए।

9. विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।

10. बाजार में अधिक मूल्य पर खाद विक्रय करने पर रोक लगाई जाए एवं ऐसे विक्रेताओं पर कड़ी कारवाई की जाए।

11. भूमि अधिग्रहण में भारतीय किसान संघ के आयाम भारतीय एग्रो इकोनोमिक रिसर्च सेंटर द्वारा जारी किये गये उदयपुर डिक्लेरेशन (संलग्न) के अनुसार कार्य किया जाए।

इस अवसर पर सरोजिनी तिहारू लाल खगेश्वर प्रसाद महेतर प्रसाद केवट संजय कुमार पहाड सिंह चंद्रा जागेश्वर यादव ईश्वर गबेल विजेंद्र कुमार रतनलाल प्रभु लाल राजू प्रसाद विनोद कुमार मुकेश कुमार शिवलाल यादव बलराम चंद्रा पूरन सिंह राज जेठू राम देवकरण मोतीलाल चंद्रा केसर चंद्रा दिगंबर प्रसाद चंद्रा जागर सिंह सिदार छतराम चंद्रा उमाशंकर चंद्रा केशव प्रसाद चंद्रा विशाल मनहर बाबूलाल ईश्वर प्रसाद संजय कुमार सहित भारतीय किसान संघ जिला सक्ती के सदस्य उपस्थित रहे।