*बासिन में हर्षोल्लास से मनाई गई बलराम जयंती, भगवान बलराम की पूजा कर किया प्रसाद वितरण*
हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर
सक्ती/ भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में सक्ती जिला के अंतर्गत ग्राम बासिन में कृषि देवता भगवान बलराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय किसान संघ की बासिन इकाई द्वारा किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, महिला किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि देवता हलधर भगवान बलराम जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुई। उपस्थित किसानों ने बड़े ही भाव से भगवान बलराम की पूजा की और कृषि समृद्धि, अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन के पश्चात उपस्थित सभी जनों को प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत चंद्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बलराम किसानों के आराध्य देव हैं। वे हल और मूसल धारण करते हैं, जो किसान की मेहनत और कृषि संस्कृति का प्रतीक है। बलराम जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि किसान के सम्मान, स्वाभिमान और कृषि संस्कृति को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसानों को संगठित होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना होगा और भारतीय किसान संघ इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
तहसील मंत्री रविशंकर चंद्रा ने कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती, गौ-आधारित कृषि और स्वदेशी बीजों के उपयोग पर जोर देने का आह्वान किया। तहसील प्रचार प्रमुख सुरेंद्र राठौर ने कहा कि भगवान बलराम ने हमें सिखाया है कि परिश्रम ही सबसे बड़ी पूजा है।
कार्यक्रम में ग्रामीण अध्यक्ष पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ग्राम बासिन में इस तरह के आयोजन से युवाओं में खेती के प्रति रुचि बढ़ेगी। तहसील महिला प्रमुख श्रीमती संतोषी यादव एवं स्वास्थ्य प्रमुख मालती यादव ने कहा कि खेती में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और आज महिला किसान भी कंधे से कंधा मिलाकर कृषि कार्य में सहयोग कर रही हैं।
इस गरिमामय अवसर पर प्रमुख रूप से प्रभुलाल गवेल, सोसायटी प्रमुख सौखीलाल चंद्रा, श्रीमती आसिसबाई गोंड, कौशल्या यादव, कार्तिक कंवर, भुनेश्वर चंद्रा, अशोक राज सहित ग्राम बासिन के अनेक गणमान्य किसान, बुजुर्ग, युवा एवं महिलाएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संगठित किसान, समृद्ध किसान और कर्ज मुक्त किसान का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
