*पद पर रहते हुए उपसरपंच देवानन्द यादव ने अपने ही नाम पर जारी करवा लिया ₹26.80 लाख का भुगतान,ग्रामीणों ने कलेक्टर को किये लिखित शिकायत*

*पद पर रहते हुए उपसरपंच देवानन्द यादव ने अपने ही नाम पर जारी करवा लिया ₹26.80 लाख का भुगतान,ग्रामीणों ने कलेक्टर को किये लिखित शिकायत*

*ग्राम पंचायत कोटेतरा में 26लाख से अधिक का वित्तीय घोटाला, पूर्व उपसरपंच,पूर्व सरपंच और तत्कालीन सचिव पर गबन के आरोप*

 

जैजैपुर/ विकासखंड जैजैपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोटेतरा में शासकीय राशि के भारी बंदरबांट और गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यकाल के दौरान पूर्व उपसरपंच देवानँद यादव ने तत्कालीन सरपंच और पंचायत सचिव के साथ मिलकर नियमों को ताक पर रखते हुए अपने स्वयं के नाम पर ₹26,80,500/- (छब्बीस लाख अस्सी हजार पांच सौ रुपये) का अवैध भुगतान प्राप्त कर लिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट खंगाले। पंचायती राज अधिनियम के स्पष्ट नियमों के विपरीत,इतनी बड़ी राशि सीधे उपसरपंच के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधे तौर पर पद का दुरुपयोग,वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन की खुली लूट है।
इस गंभीर भ्रष्टाचार को लेकर सजग ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत की गई है । शिकायत में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत राशि की तत्काल वसूली (रिकवरी) करने और दोषियों के खिलाफ थाने में आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का बयान:
ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत से इसे निजी खातों में डाल दिया गया। यदि प्रशासन इस पर तुरंत कड़ी कार्रवाई और रिकवरी नहीं करता है, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”