स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारियों की अटैचमेंट, CMHO पुष्पेंद्र वैष्णव के आदेश पर सवाल!
शासन अटैचमेंट खत्म करने के पक्ष में, फिर जिला कार्यालय में क्यों बुलाए गए कर्मचारी?
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की अटैचमेंट पर मचा बवाल!
फॉर्मेसिस्ट को स्टोर प्रभारी, RHO (ग्रामीण स्वास्थय अधिकारी) को स्टेनो और सहायक ग्रेड 3 को कार्यालय सहायक, गजब के आदेश!
हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा जारी कार्यालयीन आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की अटैचमेंट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्राप्त दस्तावेज के अनुसार पत्र क्रमांक/स्थापना/अनुज्ञाप्त/2026/439, दिनांक 15-05-2026 के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ कर्मचारियों को जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में संलग्न किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में पदस्थ ओम शंकर बनारसी (फार्मासिस्ट ग्रेड-2) को जिला स्टोर प्रभारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टूंडरी में पदस्थ अमित साहू (ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी) जोकि पहले से बिलाईगढ़ सीएचसी मे संलग्न है उसे जिला कार्यालय मे स्टेनो के रूप मे संलग्न किया गया है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसींवा में पदस्थ दीपक साहू (सहायक ग्रेड-3) को जिला कार्यालय में कार्यालय साहयोगी के रूप मे संलग्न किया है। आपको बता दे की जिन कार्यों के लिए वर्तमान सी एम एच ओ डॉ पुष्पेंद्र वैष्णव ने अधिकारियो कर्मचारियों को संलग्न किया है उन कार्यों को लिए पहले से स्टाफ मौजूद है। तो यह अतरिक्त संलग्ननिकारण क्यों?
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर- जानकारों का मानना है कि जिले के कई स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही स्टाफ की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों में लगाने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। विशेषकर दवा वितरण, स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा क्योंकि फॉर्मेसिस्ट को स्टोर प्रभारी, ग्रामीण स्वास्थय अधिकारी (RHO) को स्टेनो और सहायक ग्रेड 3 को साहयोगी के रूप मे संलग्न किया गया है।
सीएमएचओ डॉ पुष्पेंद्र वैष्णव के आदेश पर सवाल – विभागीय हलकों में यह चर्चा भी है कि जिला कार्यालय में पहले से अधिकारी एवं कर्मचारी पदस्थ हैं, फिर अतिरिक्त कर्मचारियों को अटैच करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि जब शासन अटैचमेंट व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रहा है, तब इस प्रकार के आदेश किस आधार पर जारी किए गए। वही शासन द्वारा पूर्व में विभिन्न विभागों में अटैचमेंट की व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शासन का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जनसेवा से जुड़े संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना रहा है, ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
