*शासकीय नवीन महाविद्यालय हसौद में मनाया गया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस*

*शासकीय नवीन महाविद्यालय हसौद में मनाया गया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

सक्ती/हसौद, 24 सितंबर 2026 को शासकीय नवीन महाविद्यालय हसौद, जिला सक्ती में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य सहित अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापक एवं विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 24 सितंबर 1969 को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना हुई थी। इसी के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 24 सितंबर को NSS स्थापना दिवस मनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को NSS के उद्देश्यों, मूल विचारों तथा व्यक्तित्व विकास में इसकी भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

प्राचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा, राष्ट्र सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करना है। NSS के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण एवं सामुदायिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान में योगदान देने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान NSS से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार बंजारे ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विगत वर्षों में आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने वर्षभर किए गए सेवा कार्यों, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

इस अवसर पर कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के अतिथि व्याख्याता सेवक दास वैष्णव ने राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत प्रस्तुत किया। वहीं टी. एस. मैत्री असीम बाजपेयी एवं डी. एस. सिदार सर ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। NSS के छात्र सुशील ने कार्यक्रम का मंच संचालन सुचारू रूप से किया।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।