*स्थानीय चुनाव से पहले सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गरमाए प्रशासनिक मुद्दे*
*सीएमओ प्रकरण, महिला सुरक्षा, धर्मांतरण और रोजगार, जी राम जी योजना को लेकर जिला प्रशासन से जवाब मांग रही जनता*
सारंगढ़-बिलाईगढ़:- राज्य शासन द्वारा सारंगढ़ एवं बिलाईगढ़ क्षेत्र में आगामी स्थानीय चुनाव के लिए समय-सारणी घोषित किए जाने के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दिसंबर में होने वाले चुनाव को देखते हुए सड़क, बिजली, पानी, सफाई और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दे एक बार फिर प्रमुखता से सामने आने लगे हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व में कांग्रेस नेता चंद्रदेव राय के माँग पर कलेक्टर के अनुशंसा के बाद पूर्व सी एम ओ का तबादला कर दिया गया था । इस दौरान जिला प्रशासन चंद्र देव राय के आगे लाचार प्रतीत हो रहा था । वहीं, उसके बाद प्रभारी सीएमओ के रूप में आए यशवंत देवांगन के कार्यकाल में एक माह के भीतर कई गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद जांच हुई और शासन द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया। यशवंत देवांगन के खिलाफ गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे कि यदि जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हो चुकी थी तो फिर एफआईआर की कार्रवाई तत्काल क्यों नहीं कराई गई?
स्वच्छता दीदियों को वापस रोजगार क्यों नहीं?-
मामले में स्वच्छता दीदियों से जुड़े रोजगार और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। यदि कूटरचना कर राशि निकालने और स्वच्छता दीदियों को काम से हटाने के कथित षड्यंत्र की जांच हो चुकी है, तो सवाल है कि स्वच्छता दीदियों को दोबारा काम पर क्यों नहीं रखा गया? इन महिलाओं के परिवार और बच्चों की आर्थिक जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के बीच विरोधाभास का सवाल-
एक ओर केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कर रही है। दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार से हटाए जाने और महिला कर्मचारियों द्वारा गंभीर शिकायतें किए जाने के आरोप सामने आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार की महिला सशक्तिकरण की नीतियों का वास्तविक लाभ स्थानीय स्तर पर महिलाओं तक कितना पहुंच रहा है?
अवैध धर्मांतरण की शिकायतों पर भी प्रशासन से कार्रवाई की मांग-
भाजपा सरकार के लिए अवैध धर्मांतरण लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रहा है। ऐसे समय में जब सरकार ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कानून पास किया ठीक इसी समय, सूत्रों से प्राप्त जानकारी एवं चर्चाओ अनुसार बिलाईगढ़-पवनी क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में कथित अवैध धर्मांतरण की गतिविधियां लगातार बढ़ रहे है। जनता का सवाल है कि ठोस कानून मौजूद होने के बावजूद इन पर जिला प्रशासन कार्यवाही क्यो नही कर रही है?
जी राम जी और पलायन पर भी उठे सवाल –
सारंगढ़ – बिलाईगढ़ जिले में पलायन लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। विगत दिनों पलायन कर कश्मीर में मजदूरी कर रहे जिले के एक निवासी की आतंकवादियों द्वारा हत्या भी कर दी गयी थी । धरातल पर काम के साथ साथ आंकड़े भी बता रहे हैं कि पूरे राज्य में सारंगढ़ बिलाईगढ़ ज़िला जी राम जी मे अंतिम पायदान पर है । सवाल यह है कि केंद्र सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जिला प्रशासन इतनी निष्क्रिय क्यों है । ऐसे में पलायन पर अंकुश लगना मुश्किल लग रहा है ।
इन तमाम सवालों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर है। जनता पूछ रही है कि क्या अधिकारी केवल निरीक्षण, कार्यक्रम और फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं ? स्थानीय चुनाव अब नजदीक हैं। ऐसे में इन मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। यदि समय रहते इन मामलों में पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी स्थानीय चुनाव में जनता अपने मत के माध्यम से इसका जवाब दे सकती है ।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ की जनता की नजर अब अपने प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री पर है। जनता यह जानना चाहती है कि प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर उठ रहे इन सवालों पर सरकार क्या निर्णय लेती है। फिलहाल सवाल अनेक हैं और जनता इन सब के जवाब का इंतज़ार कर रही है।
