*कोटेतरा में सत्र 24-25 के15वें वित्त की प्रथम क़िस्त की राशि अटकने पर भड़कीं- सरपंच सुनीता साहू*

*कोटेतरा में सत्र 24-25 के15वें वित्त की प्रथम क़िस्त की राशि अटकने पर भड़कीं- सरपंच सुनीता साहू*

*पंचायत मंत्री व मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

जैजैपुर / जिला सक्ती के जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटेतरा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 15वें वित्त आयोग की प्रथम किस्त की राशि जिला कोषालय (ट्रेजरी) में तकनीकी खराबी के चलते ‘Failed’ (विफल) होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जनपद और जिला स्तर के अधिकारियों की उदासीनता से तंग आकर ग्राम पंचायत कोटेतरा की महिला सरपंच श्रीमती सुनीता रमेश साहू ने सीधे मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है। सरपंच ने छत्तीसगढ़ शासन के माननीय पंचायत मंत्री (उप मुख्यमंत्री) श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव एवं सचिव (पंचायत विभाग) को आधिकारिक पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और 24 घंटे के भीतर पोर्टल सुधारने की मांग की है।

सरपंच के प्रयास और जमीनी हकीकत

सरपंच सुनीता रमेश साहू ने विभागीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ग्राम पंचायत कोटेतरा के खाते में राशि अंतरित (क्रेडिट) करने के लिए कागजी प्रक्रिया तो की गई, परंतु सरकारी सॉफ्टवेयर व PFMS पोर्टल की मैपिंग एरर के कारण जिला कोषालय स्तर पर ही यह ट्रांजैक्शन फेल हो गया। सरपंच ने बताया कि वे इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए जनपद कार्यालय से लेकर जिला पंचायत तक के चक्कर काटकर थक चुकी हैं। स्थानीय अधिकारी हर बार तकनीकी बहाना बनाकर हाथ खड़े कर लेते हैं, जबकि मंत्रालय स्तर से इसे महज 10 मिनट में ठीक किया जा सकता है।

कोटेतरा में विकास ठप, ग्रामीणों में आक्रोश

सरपंच ने पत्र के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी है कि फंड के अभाव में कोटेतरा पंचायत के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, नालियों की सफाई और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत जैसे बुनियादी जनहित के कार्य पिछले दो वर्षों से ठप पड़े हैं। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे सीधे पंचायत प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सरपंच सुनीता रमेश साहू ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर दिल्ली और राज्य के तकनीकी सर्वर को दुरुस्त कर नया FTO जनरेट नहीं किया गया और रुकी हुई राशि पंचायत के सिंगल नोडल खाते (SNA) में नहीं आई, तो वे समस्त पंचों और ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय के सामने बेमियादी धरने पर बैठने को विवश होंगी।