*जैजैपुर क्षेत्र में अवैध शराब का आतंक: कोई ऐसा गांव नहीं, जहां न बह रही हो ‘मदिरा की धार*

*जैजैपुर क्षेत्र में अवैध शराब का आतंक: कोई ऐसा गांव नहीं, जहां न बह रही हो ‘मदिरा की धार*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

जैजैपुर/सक्ती।
जिला सक्ती के अंतर्गत आने वाले थाना जैजैपुर क्षेत्र में इन दिनों अवैध महुआ और देसी शराब का कारोबार चरम पर है। स्थिति यह हो चुकी है कि क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा गांव बचा हो, जहां खुलेआम या चोरी-छिपे अवैध शराब की बिक्री न हो रही हो। इस अवैध कारोबार से जहां ग्रामीण इलाकों का माहौल खराब हो रहा है, वहीं युवा पीढ़ी नशे की गर्त में डूबती जा रही है।

गली-कूचों में खुली हैं अवैध ‘मधुशालाएं’

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैजैपुर थाने के अंतर्गत आने वाले अधिकांश गांवों में कोचियों अवैध शराब बेचने वालों ने अपने पैर पसार लिए हैं। किराना दुकानों, पान ठेलों, ढाबों और यहां तक कि कुछ चिन्हित घरों से बेखौफ होकर चौबीसों घंटे शराब परोसी जा रही है। सुबह होते ही इन ठिकानों पर पियक्कड़ों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जिससे गांवों की शांति भंग हो रही है।

महिलाएं और ग्रामीण परेशान, बढ़ रहे घरेलू विवाद

शराब की इस बेकाबू बिक्री से सबसे ज्यादा परेशान ग्रामीण महिलाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर की कमाई शराब में उड़ने के कारण घरेलू हिंसा और आपसी विवाद की घटनाएं बढ़ गई हैं।
• शराब पीकर हुड़दंग करने वालों के कारण महिलाओं और बच्चियों का रास्तों से गुजरना दूभर हो गया है।
• शिकायत करने पर भी कोचिए बेखौफ होकर ग्रामीणों को ही धमकी देते हैं।

आबकारी एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कारोबार ने जैजैपुर पुलिस की गश्त और मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को सब कुछ पता होने के बाद भी केवल छोटी-मोटी कार्रवाई करके खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे मुख्य सरगना और बड़े कोचियों के हौसले बुलंद हैं।
वर्जन
“अवैध शराब की बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जाती है। यदि जैजैपुर क्षेत्र के गांवों में ऐसी शिकायतें हैं, तो विशेष अभियान चलाकर कोचियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
समस्त थाना प्रभारी जिला सक्ती