*जिला पंचायत सीईओ वासु जैन की प्रशासनिक कार्यशैली से बदली व्यवस्था, हर तरफ हो रही सराहना*

*जिला पंचायत सीईओ वासु जैन की प्रशासनिक कार्यशैली से बदली व्यवस्था, हर तरफ हो रही सराहना*

*भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सीईओ का कड़ा रुख*

*औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाइयों से विकास कार्यों में आई तेजी*

हमर छत्तीसगढ़ न्यूज नारायण राठौर

 

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाने में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वासु जैन (IAS) की कार्यशैली की हर तरफ जमकर प्रशंसा हो रही है। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने और प्रशासनिक शिथिलता को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है।

लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस

सीईओ वासु जैन की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता भ्रष्टाचार और लापरवाही पर उनका सख्त रवैया है। हाल ही में ग्राम पंचायत सलनी में बिना कार्य कराए राशि आहरण करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने वित्तीय अनियमितता पर कड़ा रुख अपनाया और संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से सरकारी फंड का दुरुपयोग करने वाले तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।

औचक निरीक्षण से सुधरी जमीनी हकीकत

ग्रामीणों के अनुसार, सीईओ वासु जैन केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे स्वयं पिसौद और जैजैपुर जनपद पंचायत जैसी दूरस्थ ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों और सीसी सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर उन्होंने सरपंच-सचिवों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उनके इस सक्रिय रुख से मैदानी अमला अब अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।
अधूरी योजनाओं और जनहित के कार्यों को मिली गति
सीईओ के कुशल मार्गदर्शन में जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा और जीराम जी जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही, वे शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा बैठकें लेकर छात्रों के अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र और इंस्पायर अवार्ड जैसे लंबित कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करवा रहे हैं।
उनकी इस पारदर्शी, निष्पक्ष और विकास परक प्रशासनिक शैली के कारण सक्ती जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था की लगातार सराहना की जा रही है।